सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

केंद्रीय बजट 2025-2026

 निराशाजनक बजट

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 रविवार को वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 53.5 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया जो उनका नौवां बजट था। इस बजट के आने से पहले यह आशा थी कि बजट टैरिफ और सप्लाई चेन में आये वैश्विक दबावों से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कुछ ठोस उपाय लेकर आएगा। कम से कम टैक्स, जी.एस.टी. सुधार, वित्तीय तरलता और महगांई पर नियंत्रण के कुछ ठोस प्रयास किये जायेंगे। किंतु बजट में ऐसा कुछ भी नहीं था, मंहगाई की मार से दबे हुए टैक्स पेयर को रिटर्न भरने के डेट 31 मार्च किये जाने से क्या लाभ होने वाला है ये शायद मंत्री जी के अलावा किसी के भी समझ मे नहीं आया होगा। शहरी विकास पर केंद्रित यह बजट सिर्फ बातों का ही दस्तावेज लग रहा,पहले से ही भारतीय शहर तथाकथित विकास की मार झेल के खुदे और धूल में भरे किसी तरह हांफ हांफ कर जी रहे हैं अब ये बजट उनकी दशा क्या करेगा ये देखना होगा। जो परियोजनाएं असफल हों गई उन्हें फिर से सुपर योजनाओं की तरह रिलॉन्च कर दिया गया पर्यटन के नाम पर। जैसे कि वाटर टैक्सी और टूरिज्म पैकेज पर टैक्स घटा कर दो प्रतिशत कर देना।

भारतीय कृषि को इस बजट द्वारा अमृत सरोवर में डूबने के लिए छोड़ दिया गया है। मेडिकल क्षेत्र में प्राइवेट पार्टनरशिप के साथ कायाकल्प करने की बातें तो की गईं है पर यह नहीं बताया गया कि जो मेडिकल क्षेत्र मर रहा है,जो सरकारी अस्पताल आम आदमी का सहारा हैं उनके दशा सुधारने के लिए क्या उपाय हैं?  निजी क्षेत्र में आंशिक सरकारी नियंत्रण वाले अस्पताल बन भी गए तो क्या आम आदमी उन सुविधाओं का लाभ ले सकेगा ? उच्च शिक्षा के लिए भी एक बड़ा सपना दिखा दिया गया है कि 5 नए शिक्षा हब बनेंगे जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे,ये कब और कैसे होगा यह स्पष्ट नहीं है और क्या ये वर्ल्ड क्लास सेंटर्स आमलोगों की पहुंच में होंगे?

बैंक,कृषि,उद्योग,शिक्षा,मेडिकल,मनोरंजन,सेवा,आदि क्षेत्रों के नाम तो बार बार आये लेकिन हाथ कुछ भी नहीं आया प्रतीत होता। एक दूर की लाइन खींच दी गई 2047,एक बड़ा सपना दिखा दिया गया विकसित भारत...

लेकिन ये कैसे पूरा होगा यह बजटीय प्रावधानों में कहीं दिखता नहीं। 

आलोचना करने वालों को भी 2047 तक रुकने की सलाह दी जा सकती है।आखिर ये बजट दूर की कौड़ी निकालने वाला जो है।

कुल मिला कर खोदा पहाड़ निकली चुहिया ही इस बजट के लिए उत्तम उक्ति है।


इति

02.02.26

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